छत्तीसगढ़ में नक्सलियों का किला ढहने लगा: सुकमा का बड़ेसेट्टी पंचायत बना पहला नक्सल मुक्त क्षेत्र, 11 इनामी नक्सलियों ने हथियार डाल सरकार की मुख्यधारा में लौटे, विकास के लिए सरकार ने दी 1 करोड़ की सौगात

सुकमा, 18 अप्रैल 2025 — छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले से एक बड़ी खबर सामने आई है। जिले के बडेसेट्टी पंचायत के 11 सक्रिय नक्सलियों ने शुक्रवार को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। इन पर कुल 8 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण के साथ ही बडेसेट्टी पंचायत, सुकमा जिले का पहला पंचायत बन गया है जिसे आधिकारिक रूप से नक्सल मुक्त पंचायत घोषित किया गया है।
सरेंडर करने वालों में एक दंपति समेत 3 पुरुष और एक महिला नक्सली शामिल हैं जिन पर 2-2 लाख और 50 हजार का इनाम था। ये सभी माड़ डिवीजन और नुआपाड़ा डिवीजन में लंबे समय से सक्रिय थे।
राज्य सरकार की पुनर्वास नीति से प्रेरित होकर इन नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया। इसी दिन कुल 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, जिनमें से 11 बडेसेट्टी पंचायत के हैं।
 

विकास के लिए एक करोड़ की घोषणा
प्रदेश सरकार ने बडेसेट्टी को नक्सल मुक्त पंचायत घोषित करने के साथ-साथ यहां के विकास कार्यों के लिए एक करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह राशि पंचायत में आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़े कार्यों में उपयोग की जाएगी।
मार्च 2026 तक पूरे प्रदेश को नक्सल मुक्त करने का लक्ष्य
केंद्रीय गृह मंत्रालय और छत्तीसगढ़ सरकार की संयुक्त रणनीति के तहत प्रदेश को मार्च 2026 तक नक्सल मुक्त बनाने का अभियान जारी है। सुरक्षाबलों की सघन कार्रवाई और सरकार की प्रभावी पुनर्वास नीति के चलते नक्सली लगातार आत्मसमर्पण कर रहे हैं।
सुकमा में बदलते हालात
सुकमा जैसे अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र में इस तरह का सकारात्मक परिवर्तन राज्य सरकार और सुरक्षाबलों की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि आने वाले समय में अन्य पंचायतों में भी इसी तरह का बदलाव देखने को मिलेगा।

     

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