छत्तीसगढ़ में अमृतपाल के पक्ष में रैली करने के आरोप में चार गिरफ्तार

रायपुर. छत्तीसगढ़ के रायपुर शहर में खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह के पक्ष में रैली निकालने के आरोप में पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में अमृतपाल सिंह के समर्थन में रैली निकालने के आरोप में पुलिस ने रायपुर निवासी दिलेर सिंह रंधावा (46), मंनिदरजीत सिंह उर्फ मिन्टू (40), हरविंदर सिंह सन्धू उर्फ हरिन्दर सिंह खालसा (44) और हरप्रीत सिंह रंधावा उर्फ चिन्टू (42) को गिरफ्तार कर लिया है.

उन्होंने बताया कि बुधवार 22 मार्च को सिविल लाईन थाना क्षेत्र में सिख समाज के कुछ लोगों द्वारा बिना अनुमति अमृतपाल सिंह के समर्थन में रैली निकाली गई थी. अधिकारियों ने बताया कि रायपुर पुलिस ने इसे संज्ञान में लेते हुए घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों और इस संबंध में रैली में शामिल कुछ व्यक्तियों द्वारा दिये गए विडियो बाइट का अवलोकन करने पर तथ्य सही पाया.

उन्होंने बताया कि दिलेर सिंह रंधावा, मंनिदरजीत सिंह उर्फ मिन्टू, हरविंदर सिंह सन्धू उर्फ हरिन्दर सिंह खालसा, हरप्रीत सिंह रंधावा उर्फ चिन्टू और अन्य के द्वारा यह रैली निकाली गई थी. उन्होंने बताया कि इससे लोक शांतिभंग होने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने मामला दर्ज कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.

बुधवार को कथित रूप से अमृतपाल सिंह और उनके सहयोगियों के समर्थन में सिख समुदाय से जुड़े लोगों के एक छोटे समूह ने रैली निकाली थी, जिसके बाद पुलिस ने कार्यक्रम के आयोजकों को नोटिस दिया था. रैली में शामिल बाबा बुड्ढा साहेब कमेटी के सदस्य दिलेर सिंह ने मीडियार्किमयों को बताया था कि अमृतपाल सिंह निर्दोष है. उन्होंने पंजाब सरकार पर उन्हें झूठा फंसाने का आरोप लगाया था.

उन्होंने कहा था कि अमृतपाल सिंह नशे के खिलाफ लड़ रहे हैं और युवाओं को इससे दूर रखते हुए उन्हें धर्म से जोड़ रहे हैं. रायपुर पुलिस ने रैली के आयोजकों को नोटिस जारी कर बृहस्पतिवार को सिविल लाइंस थाने में जवाब देने को कहा था. हालांकि, दिलेर सिंह का एक वीडियो बृहस्पतिवार को पुलिस ने साझा किया था जिसमें वह कह रहे हैं कि उनके संबंध में गलत रिपोर्ट प्रस्तुत की गई है. उन्होंने कहा कि रैली पंजाब में सिख लोगों के खिलाफ की जा रही “अवैध” कार्रवाई के खिलाफ आयोजित की गई थी.

सिंह ने कहा था ‘‘हम छत्तीसगढ़ में रहते हैं और छत्तीसगढ़ के लोगों से प्यार करते हैं. हम हर धर्म का सम्मान करते हैं. हम खालिस्तान नहीं चाहते और इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है. हम सिर्फ सिख धर्म की बात करते हैं और हम सिखों के लिए आवाज उठाते हैं. उन्होंने कहा कि हमारे समुदाय के लोगों के मुद्दे को उठाना हमारी जिम्मेदारी और अधिकार है.’’ बुधवार की इस रैली को लेकर बृहस्पतिवार को विधानसभा में भी मामला उठा और मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वासन दिया था कि राज्य में देश विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

बृहस्पतिवार को जब विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने इस रैली को लेकर आपत्ति जताई और सरकार से जवाब मांगा तब मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘ कल 35-40 लोग बिना सूचना के अचानक नारा लगाते हुए निकले. सिख समाज के बलिदान और देश सेवा को भुलाया नहीं जा सकता है लेकिन देश विरोधी गतिविधियों को कभी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा’’ उन्होंने कहा, ‘‘इस तरह की कार्यवाही में जो सम्मिलित होगा उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी. सारे फुटेज खंगाले जा रहे हैं एक भी राष्ट्र विरोधी नारा लगा होगा तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’’

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